आगन्तुक संख्या
web counter
 
गुड़ उत्पादन


भारतवर्ष में जबसे गन्ने का उत्पादन प्रारम्भ हुआ तभी से इसका उपयोग गुड़ उत्पादन के निमित्त किया जा रहा है। भारतीय वैदिक कालीन इतिहास में गन्ने की खेती एवं विभिन्न अवसरों पर विभिन्न प्रकार के गुड़ के उपयोग के विषय में वर्णन आता है। सन् 1920 से पूर्व गन्ने की खेती केवल गुड़ एवं खाण्डसारी उद्योग के लिये ही की जाती थी। वर्तमान में हमारे देश में लगभग 80 लाख टन गुड़ विभिन्न रूपों में प्रतिवर्ष उत्पादित किया जाता है जिसकी लगभग 56 प्रतिशत मात्रा अकेले उ0प्र0 में ही बनाई जाती है। देश के अन्य प्रदेशों में भी गुड़ बड़े पैमाने पर उत्पादित किया जाता है। गुड़ हमारे भोजन का आवश्यक अंग होने के कारण यह वर्ष भर उपयोग किया जाता है। भोजन में यह शरीर को स्फूर्ति व शक्ति देने के साथ–साथ शरीर के पुराने तन्तुओं को बदलने वाला माना गया है। गुड़ औषधीय गुणों का भण्डार भी कहलाता है।

गुड़ का उत्पादन इतने बड़े पैमाने पर होता अवश्य है किन्तु गुड़ उत्पादकों में वैज्ञानिक तकनीकी जानकारी के अभाव में प्राय: अच्छे गुड़ का सदैव अभाव रहता है। फलत: बाजार में अच्छी कीमत नहीं मिल पाती है और गुड़ भण्डारण में भी कठिनाई होती है।

 

1 2 3 4 5