आगन्तुक संख्या
web counter
 
उत्तम गुड़ के निर्धारित मानदण्ड
1
शर्करा 75- 85 प्रतिशत
2
नमी .. 05 प्रतिशत से कम
3
अघुलनशील अवशेष...... 03 प्रतिशत से कम
4
कलर रीडिंग..... 50 से 150 तक
5
खनिज लवण .. 03 प्रतिशत से कम
6
विघटित शर्करा 05 प्रतिशत से कम
गुड़ की ग्रेडिंग :
भौतिक एवं रासायनिक गुणों के आधार पर गुड़ की ग्रेडिंग की जाती है।
भौतिक गुण

भौतिक गुणों में गुड़ का रंग, गन्ध, स्वाद, रवा एवं कड़ापन आते हैं। गुड़ का रंग जितना अधिक साफ होगा, उसे उत्तम गुणवत्ता का माना जाता है। खाने के लिये तो अच्छा माना ही जाता है साथ ही उसमें शुद्धता भी अधिक होती है। हल्का पीलापन लिये हुये सुनहरे रंग का गुड़ भी उत्तम माना जाता है।

रवेदार गुड़ को बिना रवा वाले गुड़ की अपेक्षा अच्छी क्वालिटी का माना जाता है। अधिक रवेदार गुड़ में मिठास भी अधिक होती है। गुड़ मे जितनी अधिक मिठास होगी उतना ही उसका स्वाद अच्छा होगा। ऊसर अथवा अधिक खाद दी गयी मृदाओं के गन्ने से जो गुड़ बनाया जाता है उसमें अधिक खनिज लवण होने के कारण गुड़ नमकीन हो जाता है। गुड़ में कड़ापन अथवा ढीलापन गुड़ में उपलब्ध नमी की मात्रा के अनुसार होता है। भण्डारण हेतु कड़े गुड़ को उसके टिकाऊपन स्वाद के कारण अधिक उपयुक्त माना जाता है। उत्तम क्वालिटी के गन्ने से बने ताजे गुड़ में अत्यन्त रुचिकर गन्ध होती है जबकि अधिक नमीयुक्त गुड़ को नमीयुक्त स्थान पर संग्रह करने पर उसमें अरुचिकर गन्ध आने लगती है।

रासायनिक गुण
रासायनिक गुणों के लिये गुड़ में शर्करा, कलर रीडिंग, नमी, विघटित शर्करा, राख आदि की उपस्थिति का अध्ययन किया जाता है। जिस गुड़ में कलर रीडिंग कम होगी, शर्करा की मात्रा अधिक होगी, नमी, विघटित शर्करा एवं राख की प्रतिशत कम होगी। ऐसा गुड़ उत्तम क्वालिटी का माना जाता है। गुड़ में नमी की मात्रा जितनी कम होगी उतनी ही उसके भण्डारण में स्थिरता आयेगी।
गुड़ के विभिन्न रूप
हमारे देश में गुड़ को मुख्यत: तीन रूपों में बनाया जाता है।
ठोस गुड़
कुल गुड़ उत्पादन का लगभग 75–80 प्रतिशत भाग ठोस रूप में बनाया जाता है। देश के विभिन्न भागों में ठोस गुड़ को विभिन्न आकारों जैसे भेला, भेली, लड्डू, खुरपा पाड़, चाकू इत्यादि में बनाया जाता है। इस विषय में किये गये शोध से प्राप्त परिणामों के निष्कर्ष स्वरूप ठोस गुड़ को ईंट के आकार का, साबुन की बट्टी के आकार का या फिर क्यूब के रूप में बनाया जाता है।
 
1 2 3 4 5