आगन्तुक संख्या
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कृषिगत विधि
1
दीमक एवं अंकुर बेधक के नियंत्रण हेतु समुचित सिंचाई का प्रबन्ध करना।
2
सैनिक कीट एवं ग्रासहॉपर के नियंत्रण हेतु गन्ना कटाई के पश्चात् सूखी पत्तियों को बिछाकर जलाना।
3
अंकुरबेधक के नियंत्रण हेतु सूखी पत्तियों को 100 कुं0/है0 की दर से दो पंक्तियों के मध्य में बिछाना।
4
पायरिला एवं सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु संतुलित नत्रजन का प्रयोग करना।
5
सफेद गिडार के नियंत्रण हेतु माह अगस्त–सितम्बर में 15 से0मी0 की गहराई पर कई बार जुताई करना।
6
मिलीबग से प्रभावित गन्ने के टुकड़ो को नही बोना चाहिए।
7
प्रभावित ( मिलीबग) क्षेत्रों मे पैड़ी की फसल नही लेनी चाहिए।
जैविक विधि
1
पायरिला के नियंत्रण हेतु इपिरिकेनिया मिलेनोल्यूका एवं टेट्रास्टिकस पायरिली का संरक्षण एवं प्रत्यारोपण करना।
2
परजीवीकरण को बढ़ाने हेतु समुचित सिंचाई का प्रबन्ध करना।
3
बेधकों के नियंत्रण हेतु माह जून से माह अक्टूबर तक 15 दिन के अन्तराल पर ट्राइकोग्रामा स्पी0 50,000 वयस्क/है0 की दर से प्रत्यारोपण का कार्य सायंकाल करना लाभकारी होता है।
4
ट्राइकोकार्ड्स की उपयोगिता को सिद्ध करने एवं लोकप्रिय बनाने हेतु बिसवॉं, अजबापुर, बीसलपुर एवं रोजा आदि चीनी मिल क्षेत्रों में लगभग 2145 है0 क्षेत्रफल में (वर्ष 2004–05 से 2011-12 तक के मध्य) प्रत्यारोपण कराया गया। ये कार्ड जैविक नियंत्रण प्रयोगशाला द्वारा तैयार कर कराया गया। यह कार्य प्रगति पर है।वर्ष 2012-13 से 2015-16 से तक कुल 965 ट्राइकोकार्डस कृषकों को एवं 2210 ट्राइकोकार्डस बभनान, गुलरिया, सम्पूर्णानगर रोजा एवं निगोही चीनी मिल को क्षेत्र के कृषकों को प्रयोग हेतु उपलब्ध कराया गया। इसके अतिरिक्त कीट अनुभाग के बायोपेस्टीसाइड लैब द्वारा वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक कुल 787 कि0ग्रा0 बायोपेस्टीसाइड दीमक एवं सफ़ेद गिडार के नियंत्रण हेतु कृषकों को उपलब्ध कराया गया।
5
डाइफा एफिडिवोरा, माइक्रोमस स्पी0 एवं क्राइसोपरला कार्नी का संरक्षण बूली एफिड कीट के नियंत्रण हेतु उपयोगी पाया गया है।
रासायनिक विधि

क्र0सं0

नाशिकीट

रासायनिक उपचार

1

दीमक
(टरमाइट)

बुवाई के समय पैड़ों के ऊपर फसल की कटाई के बाद अथवा खड़ी फसल में प्रकोप होने पर गन्ने के समीप नाली बनाकर कीटनाशक का प्रयोग कर ढक देना चाहिये।
अ– इमिडाक्लोप्रिड 200 एस0एल0 (कन्फीडोर 200 एस0एल0) 400 मि0ली0/है0 को 1875 लीटर पानी में घोलकर पैड़ों के      ऊपर हजारे द्वारा प्रयोग करना।
ब– क्लोथियानीडीन 50 डब्लू0 डी0 जी0 का 250 ग्राम हे0 1875 लीटर पानी मे घोलकर पैड़ों पर हजारे द्वारा प्रयोग करना।
स- मेटाराइजियम एनीसोपिली की 5 कि0ग्रा0 / हे0 की मात्रा 1 या 2 कुंतल सड़ी हुई प्रेसमड या गोबर की खाद में मिलाकर बुवाई के समय पैंडो पर डालकर ढक दें।

2

दीमक
एवं आंकुरबेधक

बुवाई के समय नालियों में पैड़ों के ऊपर, फसल की कटाई के बाद अथवा खड़ी फसल में प्रकोप होने पर गन्ने के समीप नाली बनाकर किसी एक कीटनाशक का प्रयोग कर ढक देना चाहिये।
अ– फोरेट 10 प्रतिशत रबा 25 कि0ग्रा0/है0।

ब–रीजेन्ट 0.3 प्रतिशत रबा (फिप्रोनिल 0.3 प्रतिशत रबा) 20.0 कि0ग्रा0/है।

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