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उ0प्र0 में पाये जाने वाले रोगों का समय तथा उनके स्थानों का विवरण

क्र0 सं0

रोग का नाम

रोग के क्रियाशील होने का समय

विवरण

1

लाल सड़न

जुलाई से अन्त तक

सम्पूर्ण उ0प्र0

2

कण्डुवा रोग

अप्रैल–जून,अक्टूबर,नवम्बर, फरवरी

सम्पूर्ण उ0प्र0

3

उकठा रोग

अक्टूबर से अन्त तक

सम्पूर्ण उ0प्र0

4

घासीय प्ररोह रोग

अप्रैल से अन्त तक

सम्पूर्ण उ0प्र0

5

लीफ स्काल्ड रोग

जुलाई से अन्त तक

पूर्वी तथा मध्य उ0प्र0

6

रैटून स्टंटिंग

नवम्बर से अन्त तक

सम्पूर्ण उ0प्र0

7

टॉपरॉट/पोक्का बोइंग

जून से सितम्बर तक

मध्य एवं पश्चिमी उ0प्र0

8

स्टिकिंग रॉट

जून से सितम्बर तक

पूर्वी उ0प्र0

9

रेड स्ट्राइप

जून से सितम्बर तक

पूर्वी तथा मध्य उ0प्र0

10

व्हाइट लीफ डिसीज

जुलाई से अन्त तक

पूर्वी उ0प्र0

11

यलो लीफ सिण्ड्रोम

जून से अन्त तक

पूर्वी तथा मध्य उ0प्र0

12

रेड लीफ स्पॉट

जुलाई से अन्त तक

पश्चिमी उ0प्र0

13

भूरा धब्बा रोग

जुलाई से अन्त तक

पश्चिमी उ0प्र0

14

बैंडिड स्केलोरेशियल

जुलाई से अन्त तक

मध्य उ0प्र0

15

मोजैक

जून से अन्त तक

पूर्वी उ0प्र0

16

रतुआ

अक्टूबर से अन्त तक

पश्चिमी तथा मध्य उ0प्र0

एकीकृत रोग प्रबन्धन हेतु निम्न का अनुपालन आवश्यक है।
रोगरोधी जातियों का प्रयोग
गन्ने के प्रमुख रोगों हेतु रोगरोधी जातियॉं शाहजहॉंपुर, सेवरही, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर तथा गोलागोकर्णनाथ शोध केन्द्रों द्वारा लगातार निकाली जाती रहती हैं। इन संस्थानों द्वारा त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम के अन्तर्गत रोगरोधी जातियों का बीज गन्ना पैदा किया जाता है। साथ ही गन्ने की अस्वीकृत तथा रोगी प्रजातियों को हटाने के लिये बीज बदलाव कार्यक्रम चलाया जाता है। अत: स्वीकृत प्रजातियों का बीज गन्ना क्षेत्रीय एवं जलवायु अनुकूलता के अनुरूप प्रयोग करना चाहिये।
 
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