आगन्तुक संख्या
web counter
 
शुद्ध बीज का चुनाव
गन्ना बोने हेतु हमेशा रोग रहित खेत से ही बीज लेना चाहिये। इस प्रकार का बीज गन्ना शोध संस्थान द्वारा प्रमाणित पौधशालाओं से मिल जायेगा तथा बीज बोने हेतु गन्ने के टुकड़ों की कटाई करते समय यदि कोई टुकड़ा रोग ग्रसित दिखाई देता है तो उसे निकाल देना चाहिये।
ताप शोधन
बीज गन्ने में गर्म जल शोधन का बहुत महत्व है। 50 डिग्री से0ग्रे0 पर दो घण्टे तक बीज शोधन करने पर कण्डुआ, घासीय प्ररोह एवं रैटून स्टेन्टिंग आदि रोगों से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही बीज में नवीन शक्ति (विगर) आ जाती है। गर्मजल शोधन करते समय तापक्रम का विशेष ध्यान रखना चाहिये। यदि ताप अधिक अथवा निर्धारित समय से अधिक हो जाता है तो गन्ने का जमाव प्रभावित होता है।
बीज काटने वाले औजारों का विसंक्रमण
बीज की कटाई करते समय काटने वाले औजारों का विसंक्रमण आवश्यक है। औजारों का विसंक्रमण आग में गर्म करना अथवा फार्मल्डिहाइड या लाइसोल के 5 प्रतिशत घोल में बार–बार डुबोते रहना चाहिये।
बीज शोधक का प्रयोग
कार्बेन्डाजिम के 0.1 प्रतिशत घोल में पैड़े को डुबोकर बोना चाहिये। ये रसायन पैड़ों के चारों तरफ एक परत बना देते हैं जिससे ब्याधिजन मर जाते हैं। साथ ही इससे जमाव भी बढ़ जाता है।
रोग उन्मूलन
बीज पौधशालाओं अथवा सामान्य गन्ने के खेतों की देखरेख करते रहना चाहिये। यदि कोई रोगी गन्ने का पौधा दिखाई देता है तो पूरा मूढ़ जड़ सहित निकाल कर खेत के बाहर जला देना चाहिये। पौधे जलाने से रोग पैदा करने वाले ब्याधिजन नष्ट हो जाते हैं।
पेड़ी का बहिष्कार
जिस खेत की बावग में एक भी लालसड़न रोग से ग्रसित गन्ना हो अथवा किन्हीं अन्य रोगों का आपतन प्रचुर मात्रा में हो, उसकी पेड़ी किसी भी दशा में नहीं रखनी चाहिये।
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10