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उ0प्र0 गन्ना शोध परिषद् की नियमावली के नियम–40 के अधीन बनायी गयी तथा नियम–55 के अधीन अध्यक्ष, गवर्निंगबॉडी तथा सभापति द्वारा अनुमोदित

(य) अनुगामी वर्ग

अनुगामी वर्ग का कार्मिक वह कर्मचारी होगा जो उपरिवर्णित चतुर्वर्गों में वगीकृत नहीं होता तथा उक्त चतुर्वर्गीय कार्मिकों के कार्यों के निष्पादन में सहायता हेतु अनुगामी अथवा अन्य सेवाओं में कार्यरत हों। इस वर्ग में अकुशल, अद्र्धकुशल तथा कुशल कर्मचारी भी उक्त परिभाषा के अन्तर्गत रहते हुये सम्मिलित होंगे।
3-2 परिषद् के विभिन्न पदों का वर्गीकरण निम्न प्रकार होगा। यह वर्गीकरण यात्रा–भत्ता नियमों हेतु लागू नहीं होगा :–
प्रथम श्रेणी यह पद जिनका वेतनमान रु0 15600-39100  ग्रेड वेतन रु0 6600/- प्रतिमास या उससे अधिक न हो |
द्वितीय श्रेणी यह पद जिनका वेतनमान रु0 15600-39100  ग्रेड वेतन रु0 5400/- प्रतिमास अथवा उससे अधिक किन्तु वेतनमान रु0 15600-39100   ग्रेड वेतन रु0 6600/-  से कम हो।
तृतीय श्रेणी जिनका वेतनमान रु0 5200-20200  ग्रेड वेतन रु0 1900/- प्रतिमास अथवा उससे अधिक किन्तु वेतनमान रु0 15600-39100   ग्रेड वेतन रु0 5400/-  से कम हो।
चतुर्थ श्रेणी समस्त वह पद जिनका वेतनमान रु0 5200-20200  ग्रेड वेतन रु0 1900/- से कम हो।
4-पदों का सृजन, समापन, न्यूनीकरण तथा उनके वेतन भत्तों का निर्धारण

4-1

परिषद् के कार्यों के उचित एवं सुव्यवस्थित ढंग से निष्पादनार्थ नये पदों के सृजन करने, उनकी पूर्ति की प्रक्रिया निर्धारित करने, उनका वेतनमान निश्चित करने तथा सृजित पदों की संख्या घटाने, बढ़ाने या उन्हें बिल्कुल समाप्त करने का अधिकार परिषद् के रूल्स तथा रेगूलेशन्स के रूल–38 के प्राविधानानुसार गवर्निंगबाडी को होगा किन्तु कार्यहित में यदि ऐसा किया जाना अपरिहार्य हो तो परिषद् के चेयरमैन प्रथम श्रेणी अथवा द्वितीय श्रेणी के अस्थाई पद केवल 90 दिनों तक के लिये कार्य निष्पादन हेतु सृजित कर उनकी तदर्थ पूर्ति कर सकते हैं।

     प्रतिबन्ध यह है कि ऐसे समस्त सृजित पद किसी भी दशा में 90 दिन से अधिक अवधि तक बिना गवर्निंगबाडी के अनुमोदन के नहीं चलाये जा सकेंगे।

     अग्रेत्तर प्रतिबन्ध यह है कि इस प्रकार सृजित 90 दिवसीय पदों की कुल संख्या किसी भी दशा में किसी एक श्रेणी में एक वर्ष में कुल 04 पदों से अधिक नहीं होगी।

     इस प्रकार कार्यहित में यदि ऐसा किया जाना अपरिहार्य हो तो परिषद् के निदेशक तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के अस्थाई पदों का सृजन 90 दिनों तक के लिये कार्य निष्पादनार्थ सृजित कर उनकी तदर्थ आपूर्ति कर सकते हैं।

   प्रतिबन्ध यह है कि ऐसे समस्त सृजित पद किसी भी दशा में 90 दिवस से अधिक अवधि तक बिना गवर्निंगबाडी के अनुमोदन के नहीं चलाये जायेंगे। अग्रेतर प्रतिबन्ध यह भी है कि इस प्रकार सृजित 90 दिवसीय पदों की कुल संख्या तृतीय श्रेणी में 01 वर्ष में 10 तथा चतुर्थ श्रेणी में 20 से अधिक नहीं होगी।

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