आगन्तुक संख्या
web counter
 
उ0प्र0 गन्ना शोध परिषद् की प्रमुख शोध उपलब्धियॉं
7
गन्ने के विभिन्न ऊतकों यथा–लीफशीथ, शूट टिप, मेरिस्टेम, बडचिप इत्यादि से ऊतक सम्वर्धन विधि द्वारा पौधों के सम्वर्धन हेतु प्रोटोकाल विकसित किये गये।
8
गन्ने की नवीन विकसित प्रजातियों का माइक्रोप्रोपेगेशन विधि द्वारा सम्वर्धन करने के उपरान्त प्रमाणित बीज गन्ना विभिन्न चीनी मिलों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
9
सैलुलोजयुक्त कार्बनिक पदार्थों (गन्ना की पत्ती, बैगास, प्रेसमड, स्पेन्टवाश, कूड़ा–करकट) आदि के विघटन हेतु प्रभावी जीवाणुओं की जॉंच की गयी। परिणामत: ट्राइकोडरमा स्पीशीज को सर्वाधिक उपयुक्त पाया गया। इस जीवाणु का आर्गेनोडीकम्पोजर के नाम से व्यवसायिक स्तर पर उत्पादन करके विभिन्न चीनी मिलों को उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि मिलों से पर्याप्त मात्रा में निकलने वाले सह-उत्पाद ’प्रेसमड’ की कार्बनिक खाद के रूप में उपयोगिता सुनिश्चित करायी जा सके।
10
नत्रजन स्थिरीकरण (एजोटोबैक्टर) एवं फास्फोरस घोलक (पी0एस0वी0) कल्चर जैविक खादों का व्यापक स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है जिनका प्रयोग प्रेसमड द्वारा निर्मित कार्बनिक खादों के ’एनरिचमेन्ट’ तथा फसलोत्पादन वृद्धि के लिये खेत में डालने हेतु प्रयुक्त किया जा रहा है।
 
1 2 3